चमचमाती कार में उस की बिदाई हो गई
पर यक़ीन आता नहीं है बेवफ़ाई हो गई
पार्क में सब दोस्त मेरे राह देखें हैं मेरी
अब तो जाने दो मुझे अब तो पढ़ाई हो गई
आदमी को और बच्चों को पता चलता नहीं
रोटी सब्ज़ी कब बनी और कब सफ़ाई हो गई
आओ बैठो अब सुनो तारीफ़ मेरी दोस्तों
जिस ने छोड़ा है मुझे उस की बुराई हो गई
आख़री चोटी से गिरकर हम मरे हैं इश्क़ की
हम समझते थे हिमालय की चढ़ाई हो गई
— Tanoj Dadhich















