कोई हमदर्द तुम जैसा नहीं है
वगरना शहर में क्या क्या नहीं है
किसी को दर्द अपना क्या बताते
यहाँ पर जब कोई अपना नहीं है
तुम्हारे बाद गैरों के लिए फ़िर
हमारा दिल कभी धड़का नहीं है
तुम्हारे पास हूँ मैं छू के देखो
हक़ीक़त है कोई सपना नहीं हैं
मगर तुम एक दिन तो छोड़ दोगे
मुझे इस ख़ौफ से जीना नहीं है
रकीबो को कहो दूरी बना लें
अगर उनको अभी मरना नहीं है
मोहब्बत देख ले कर के किसी से
मोहब्बत को अगर समझा नहीं है
तुम्हें ये हुस्न तो मिल जाएँगे दिल
मगर बाज़ार में बिकता नहीं है
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