शाइ'र कोई पसंद है जी जॉन एलिया
उस के इलावा और कोई जॉन एलिया
ठोकर ज़रा सी इश्क़ में लग क्या गई कि बस
बनने निकल पड़े हैं सभी जॉन एलिया
अश'आर उन को क्या ही सुनाएँगे जाके हम
जिन को पता न मीर न ही जॉन एलिया
लहजा-ए-यार चेहरा बदलता है बार बार
गुलज़ार है कभी तो कभी जॉन एलिया
ले तो रही है उम्र बड़ा इम्तिहान अनन्त
कर तो गए थे बात सही जॉन एलिया
— Ananth Faani














