एक धोका है ख़ुश नहीं हूँ मैं

कौन कहता है ख़ुश नहीं हूँ मैं

एक रिश्ता बचाना है जिस
में
वो भी तन्हा है ख़ुश नहीं हूँ मैं

क्या सबब है कि सिर्फ़ मेरे ब-जुज़
सब को लगता है ख़ुश नहीं हूँ मैं

ख़ुश-मिज़ाजी में शा'इरी कैसी
फिर तो अच्छा है ख़ुश नहीं हूँ मैं

क्या सितम है कि तुम को पा कर भी
ऐसा लगता है ख़ुश नहीं हूँ मैं

यार ऐसे हैं क्या कहूँ तुम से
यार ऐसा है ख़ुश नहीं हूँ मैं

— ADITYA TIWARI

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