अभी तो दूर तक मंज़र नज़र नहीं आतासफ़र में चल पड़े तो घर नज़र नहीं आतायहाँ तो देखिए जो रहज़नी में शामिल हैंउन्हीं की आँख में अब डर नज़र नहीं आता— Umesh Maurya