बड़ी मुश्किल से अपने ज़ख़्म टाले थेसभी अरमान इस दिल से निकाले थेडसा मुझ को उन्हीं साँपों ने है हर-पलजो मैं ने आस्तीनों में ही पाले थे— Usman Saifi