दुनिया बड़ी ज़ालिम अभी ग़ालिब बनो
ख़ुद को तराशों यार यूँ तालिब बनो
रख ख़्वाहिशें इतनी बड़ी दिल में सदा
हर दिल दुआएँ दे तुझे सालिब बनो
इस मौत के है ख़ौफ़ में हर आदमी
तुम ज़िंदगी बन कर ख़ुशी जालिब बनो
— Vinod Ganeshpure
ख़ुद को तराशों यार यूँ तालिब बनो
रख ख़्वाहिशें इतनी बड़ी दिल में सदा
हर दिल दुआएँ दे तुझे सालिब बनो
इस मौत के है ख़ौफ़ में हर आदमी
तुम ज़िंदगी बन कर ख़ुशी जालिब बनो
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