काश तुम हम न यूँँ मिले होते
ज़िंदगी से बहुत गिले होते
ये कहानी नहीं कभी बनती
हम न तुझ से कभी मिले होते
साथ मेरे न तू अगर होता
यूँ न हम फूल से खिले होते
जिस्म से दूर है मिरे जानाॅं
रूह से हम नहीं मिले होते
— Vinod Ganeshpure
ज़िंदगी से बहुत गिले होते
ये कहानी नहीं कभी बनती
हम न तुझ से कभी मिले होते
साथ मेरे न तू अगर होता
यूँ न हम फूल से खिले होते
जिस्म से दूर है मिरे जानाॅं
रूह से हम नहीं मिले होते
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