क्या तमाशा यहाँ लगा रक्खा
दिल हमारा बुरा बता रक्खा
फ़िक्र इतनी तुझे किसी की हो
रोज़ ख़ंजर गले लगा रक्खा
ख़्वाब तो टूटते रहे सारे
नींद का सिलसिला सदा रक्खा
होश कैसे रहे बता तू ही
जाम ज़्यादा मुझे पिला रक्खा
— Vinod Ganeshpure
दिल हमारा बुरा बता रक्खा
फ़िक्र इतनी तुझे किसी की हो
रोज़ ख़ंजर गले लगा रक्खा
ख़्वाब तो टूटते रहे सारे
नींद का सिलसिला सदा रक्खा
होश कैसे रहे बता तू ही
जाम ज़्यादा मुझे पिला रक्खा
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