साँस चल तो है रही पर ध्यान रख तू
भक्त तेरा कृष्ण साधा मान रख तू
पाप जाने मन मिरा तो बस सदा ही
मैं बड़ा हूँ मूर्ख हर पल ज्ञान रख तू
स्वार्थ मेरा तू मिटा कल्याण कर दे
मोह तेरा दे सदा वरदान रख तू
यूँ जला चिंता मिरी चिंतन करूँ मैं
हो तिरा दर्शन मुझे ये दान रख तू
ज़िंदगी भर काम दे जो तू वहाँ हो
शीष पैरों में टिका हो जान रख तू
— Vinod Ganeshpure















