"खो गया हूँ"
तुझे देखा लगा मुझ को
वही फिर खो गया हूँ मैं
नहीं है होश उस दिन से
तिरा जो हो गया हूँ मैं
लगे दिन रात इक जैसी
ख़ुशी में सो गया हूँ मैं
मुझे इक याद अब तू है
मुसाफ़िर हो गया हूँ मैं
सताए जा रही दुनिया
तिरा दिल हो गया हूँ मैं
— Vinod Ganeshpure















