ख़ुद का रोना ख़ुद ही रोना पड़ता हैआख़िर में फिर हम को सोना पड़ता हैउस के मिलने पर तू इतना क्यूँ राज़ीआख़िर में जब उस को खोना पड़ता है— Vishna prajapati