कब मेरी बातें सुनती है वो
या'नी उस रब के जैसी है वो
इतनी ग़ज़लें नहीं कहता मैं
जितनी तस्वीरें लेती है वो
मैं भला किस से पूछूँ ये बात
शादी के बा'द कैसी है वो
— Viru Panwar Viyogi
या'नी उस रब के जैसी है वो
इतनी ग़ज़लें नहीं कहता मैं
जितनी तस्वीरें लेती है वो
मैं भला किस से पूछूँ ये बात
शादी के बा'द कैसी है वो
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