सितारों की मौजूदगी भेज दे
लिफ़ाफ़े में कुछ रौशनी भेज दे
अगर ख़ुद नहीं आना तू ने यहाँ
तो फिर अपनी तस्वीर ही भेज दे
मेरी फ़स्ल-ए-दिल सींचनी है मुझे
मुलाक़ात की इक नदी भेज दे
जो मंज़िल को करता है रौशन उसे
मेरी राहों में भी कभी भेज दे
मेरे रब अज़ल से यहाँ तन्हा हूँ
मेरे वास्ते भी कोई भेज दे
— Viru Panwar Viyogi















