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Top 10 of
Kanz Al Rida
SHER
हिस्से मिरे वो रात आया ही नहीं
मेरे कभी वो हात आया ही नहीं
Kanz Al Rida
10
SHER
उस के लिए कानों का झुमका लाया था मैं शहर से
लेकिन उसे देने कि भी हिम्मत नहीं होती मुझे
Kanz Al Rida
9
GHAZAL
नहीं मैं जानता नूर-ए-बसर था ज़हर आँखों में
उसे ऐसे रहा मैं देख जैसे क़हर आँखों में
Kanz Al Rida
8
SHER
कोई हम को आज़माया हम किसी को आज़माए
ज़िंदगी दो की तो गुज़री आज़माते आज़माते
Kanz Al Rida
7
SHER
फ़ासलों का ही था वो दीवार कैसे तोड़ सकते
ईश्क ना होता तो टूटे दिल को कैसे जोड़ सकते
Kanz Al Rida
6
SHER
चाह कर के भी तुझे मैं ये बता सकता नहीं
है मुझे तुझ सेे मोहब्बत भी जता सकता नहीं
Kanz Al Rida
5
SHER
मुझ को उस ने तो पलट कर भी ना देखा
जो मोहब्बत का कभी दा'वा था करता
Kanz Al Rida
4
SHER
हिज्र की वो रात थी और रात भर सोया नहीं
जिस पे मरता था मिरे मरने पे वो रोया नहीं
Kanz Al Rida
3
GHAZAL
हर बात वो कह दी छुपाया कुछ नहीं
हर बात कह कर भी बताया कुछ नहीं
Kanz Al Rida
2
SHER
वो छोड़ कर तन्हा हमें जो चल दिया
हम भी चले ख़ुद को इकहरा छोड़ कर
Kanz Al Rida
1
salman khan "samar"
Sayeed Khan
Aman G Mishra
Kumar gyaneshwar
Pawan
Zain Aalamgir
gulab muntazir
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