10
2 Likes
9
2 Likes
ये सच है मैं उस पर मरता हूँ
इस से ज़ियादा क्या कर सकता हूँ
इस से ज़ियादा क्या कर सकता हूँ
मेरे सामने ज़िक्र न हो उस का
उस के ज़िक्र से मैं रो पड़ता हूँ
तू ने मुझ को दोस्त ही समझा बस
मैं तो तुझ से मुहब्बत करता हूँ
तुझ को तेरी ख़ुशी मुबारक हो
मुझे इजाज़त दे मैं चलता हूँ
8
1 Like
7
2 Likes
मैं जब जब लिखने लगता हूँ तेरे बारे में
काग़ज़ पर तेरी तस्वीर उभरने लगती है
काग़ज़ पर तेरी तस्वीर उभरने लगती है
6
2 Likes
4
2 Likes
मेरी क़िस्मत इतनी भूखी है गर
भूखी हो तो ख़्वाब निगल जाती है
भूखी हो तो ख़्वाब निगल जाती है
3
2 Likes
1
2 Likes










