Shubham Vaishnav

Shubham Vaishnav

@Shubham_daau

Shubham vaishnav shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shubham vaishnav's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

अब तो अच्छी चल रही है ज़िंदगी थोड़ी बहुत हम को भी आने लगी है शा'इरी थोड़ी बहुत — Shubham Vaishnav
फिर शुरू तर्क-ए-त'अल्लुक़ की कहानी मत करो बात ये है बात अब कुछ भी पुरानी मत करो — Shubham Vaishnav
ये मुहब्बत दाख़िले के वक़्त आसाँ लगती है पर मुहब्बत में शुरू फिर इम्तिहाँ हो जाते हैं — Shubham Vaishnav
कुछ किताबें पढ़ के शेर-ओ-शायरी करने लगे हैं अब ये छोटे-छोटे बच्चे आशिक़ी करने लगे हैं — Shubham Vaishnav
मैं लुटाया इतना ख़ुद को अब बुरा लगता नहीं जाने कोई शख़्स मुझ को क्यूँँ मिरा लगता नहीं — Shubham Vaishnav

Ghazal

फिर शुरू तर्क-ए-त'अल्लुक़ की कहानी मत करो बात ये है बात अब कुछ भी पुरानी मत करो मैं ने तुम को कह दिया तुम सेे मुहब्बत है तो है बात मेरी मानो इतनी बद-गुमानी मत करो ठीक है यूँँ देखते रहना मुझे लेकिन सुनो चाय टेबल पर रखी है इस को पानी मत करो मैं तो माँ को उस के बारे में बता भी देता पर वो ही कहती अपनी मनमानी तो जानी मत करो इस की ख़ुशबू में तो उस के होने का एहसास है मेरे आँगन से जुदा ये रात-रानी मत करो माना सब कुछ ठीक जायज़ है मुहब्बत में मगर जो न कॉलर में छिपे ऐसी निशानी मत करो मैं ने कर के देखा तब ये कहता हूँ यारों सुनो इश्क़ कर लो इश्क़ में पर लन-तरानी मत करो इन बुज़ुर्गों को ज़ियादा तजरबा भी रहता है ये मना कर दें जो करने को तो या'नी मत करो कौन जाने कौन कब कैसे मुकर जाए यहाँ कोई भी सौदा किसी से मुँह-ज़बानी मत करो — Shubham Vaishnav