Sudesh Kumar Jain

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@Sudeshk_jain

Sudesh Kumar Jain shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Sudesh Kumar Jain's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Ghazal
थोड़ा मेरा, थोड़ा उस का, बाकी सबका आधा चाँद
देख रहा है ख़ुद को सब में, बँटते आधा आधा चाँद

पिछली कितनी रातों से हम मावस के ही मारे थे
आज फ़लक में उम्मीदों के जैसा निकला आधा चाँद

शाम सुनहरी है लेकिन गर कुछ पल तुम जो ठहरो तो
सात समुंदर लाँघ के झट से आ जाएगा आधा चाँद

तुम ने जाने कितने घण्टो इतराते श्रृंगार किया
पहले से ही प्यार में तेरे पागल निकला आधा चाँद

तेरा मुझ से मिलना बिल्कुल ईदी मिलने जैसा है
सदियों तेरी राह निहारी, बतलाएगा आधा चाँद

चाँद सभी को अपने प्रेमी जितना सुंदर लगता है
एक तुम्हारे आगे लगता कितना सादा आधा चाँद

दूर चला जाऊँगा जब मैं ख़ुद से, तुम सेे और सब सेे
तब तुम बाहों में भर लेना प्यार जताता आधा चाँद
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Sudesh Kumar Jain