Bahzad Fatami

Bahzad Fatami

@bahzad-fatami

Bahzad Fatami shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Bahzad Fatami's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

0

Content

2

Likes

0

Shayari
Audios
  • Ghazal
ये बेदाद-ए-बहार-ए-फ़ित्ना-सामाँ कौन देखेगा
भरी बरसात में जलता गुलिस्ताँ कौन देखेगा

बचा लेना तो मुमकिन है भँवर से अपनी कश्ती को
जो पोशीदा हो साहिल में वो तूफ़ाँ कौन देखेगा

सर-ए-महफ़िल तो परवानों को जलता सब ने देखा है
तिरा सोज़-ए-दरूँ ऐ शम्अ-ए-गिर्यां कौन देखेगा

लहू से लिख तो दी तारीख़-ए-आज़ादी असीरों ने
किसे फ़ुर्सत दर-ओ-दीवार-ए-ज़िंदाँ कौन देखेगा

गुल-अफ़्शानी तो करती है हमारी चश्म-ए-तर लेकिन
इस अंधे शहर में तज़ईन-ए-दामाँ कौन देखेगा

न हो आबाद रिंदों से जो तेरी अंजुमन साक़ी
तेरे दस्त-ए-करम के जूद-ओ-एहसाँ कौन देखेगा

यहाँ तो फ़िक्र है 'बहज़ाद' अपने ही गरेबाँ की
फ़क़ीर-ए-शहर का चाक-ए-गरेबाँ कौन देखेगा
Read Full
Bahzad Fatami