हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
Gautam Rajrishi
GHAZAL
वो टुकड़ा रात का बिखरा हुआ सा
अभी तक दिन पे है ठहरा हुआ सा
Gautam Rajrishi
10
GHAZAL
लम्हा गुज़र गया है कि अर्सा गुज़र गया
है कौन वो जो वक़्त की साज़िश ये कर गया
Gautam Rajrishi
9
GHAZAL
बस गई है रग रग में बाम-ओ-दर की ख़ामोशी
चीरती सी जाती है मुझ को घर की ख़ामोशी
Gautam Rajrishi
8
GHAZAL
उजली उजली बर्फ़ के नीचे पत्थर नीला नीला है
तेरी यादों में ये सर्द दिसम्बर नीला नीला है
Gautam Rajrishi
7
GHAZAL
ज़िंदगी से उम्र-भर तक चलने का वा'दा किया
ऐ मिरी कम्बख़्त साँसों हाए तुम ने क्या किया
Gautam Rajrishi
6
GHAZAL
धूप लुटा कर अंबर जब कंगाल हुआ
चाँद उगा कर फिर से माला-माल हुआ
Gautam Rajrishi
5
GHAZAL
देख कर वहशत निगाहों की ज़बाँ बेचैन है
फिर सुलगने को कोई इक दास्ताँ बेचैन है
Gautam Rajrishi
4
GHAZAL
हैं जितनी परतें यहाँ आसमान में शामिल
सभी हुईं मिरी हद की उड़ान में शामिल
Gautam Rajrishi
3
GHAZAL
बात रुक रुक कर बढ़ी फिर हिचकियों में आ गई
फ़ोन पर जो हो न पाई चिट्ठियों में आ गई
Gautam Rajrishi
2
GHAZAL
हवा जब किसी की कहानी कहे है
नए मौसमों की ज़बानी कहे है
Gautam Rajrishi
1
Vashu Pandey
Farhat Ehsaas
Qateel Shifai
Khumar Barabankvi
Aashufta Changezi
Mehshar Afridi
Muneer Niyazi
Irfan Siddiqi
Akhtar Ansari
Obaidullah Aleem
Get the app