Shivam Mishra

Shivam Mishra

@iamshivam

Shivam Mishra 'Mustaqil' shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shivam Mishra 'Mustaqil''s shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

5

Content

49

Likes

132

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal

Sher

ख़ास कुछ भी नहीं अब मेरे पास है चीख़ने का ख़मोशी में एहसास है — Shivam Mishra
वक़्त भी कहाँ रुका किसी के ए'तिराज़ से जो अज़ीज़ थे बदल गए बड़े लिहाज़ से — Shivam Mishra
हिज्र की रात आई तो हम डर गए शे'र कहते हुए मयकशी कर गए — Shivam Mishra
सिवा उन के कोई भी रास नइँ आया कोई अब तक तभी तो पास नइँ आया — Shivam Mishra
चाल पे ख़ुद की उन को है नाज़िश हुई देख गर्दिश में मुझ को जो साज़िश हुई — Shivam Mishra
मेरी आँखों में तुम रह गए इस क़दर रात सोया तो ख़्वाबों में आए नज़र — Shivam Mishra
बदल तक़दीर जाती है वही इक वक़्त आने पर सँभल जाता है कोई जब कभी ठोकर भी खाने पर — Shivam Mishra
अब भरोसा किसी का न करना 'शिवम्' दर्द होता बहुत जब भी टूटे भरम — Shivam Mishra
रह के ख़ुश अब तो करना है ग़म का मफ़र काटना है यूँँ ही ज़िंदगी का सफ़र — Shivam Mishra
नसीहत तो क़िस्मत को देनी है अब उसे शक है मेहनत पे शायद मेरी — Shivam Mishra
नींद आती है कम रात में अब मुझे लग रहा है कि मंज़िल क़रीब आ गई — Shivam Mishra
मिल के ग़ैरों से मुझ को जलाता रहा जिस को अक्सर मैं अपना बताता रहा — Shivam Mishra
ख़बर ये शहर को भी थी कि मिट्टी का है घर मेरा यूँँ ही बारिश नहीं माँगी ज़माने ने दु'आओं में — Shivam Mishra
पास हो के भी कितना रहे दूर हैं कुछ किया भी नहीं फिर भी मशहूर हैं — Shivam Mishra
वो जो इल्ज़ाम हम पर ही लगा के फिर ख़फ़ा हैं अब हमें कह बद-चलन ख़ुद ही हुए वो बे-वफ़ा हैं अब — Shivam Mishra
तेरी नज़रें जिसे देख लें इक दफ़ा फिर लगे नइँ दुआ और कोई दवा — Shivam Mishra

Ghazal