रोज़ यूँँ ही मुलाक़ात होगी न अब
सामने बैठ के बात होगी न अब
ये जो मौसम हैं आते रहेंगे सदा
साथ भीगें वो बरसात होगी न अब
दोस्त काॅलेज के तो होते हैं ख़ास ही
दोस्त कितने हों वो बात होगी न अब
— Shivam Mishra
सामने बैठ के बात होगी न अब
ये जो मौसम हैं आते रहेंगे सदा
साथ भीगें वो बरसात होगी न अब
दोस्त काॅलेज के तो होते हैं ख़ास ही
दोस्त कितने हों वो बात होगी न अब
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