मुझे तेरा नहीं होना कि ख़ुद को अब नहीं खोना
चलो आँखों में बस जाओ मगर आँसू नहीं होना
रहें बेहतर तेरी रातें मेरी हर रात भीगी है
हैं आँखों में बहुत मंज़र मगर मुझ को नहीं रोना
— Shivam Mishra
चलो आँखों में बस जाओ मगर आँसू नहीं होना
रहें बेहतर तेरी रातें मेरी हर रात भीगी है
हैं आँखों में बहुत मंज़र मगर मुझ को नहीं रोना
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