उसे चाहूँ उसे पा लूँ तमन्ना थी यही दिल में
भुलाया है उसे अब यूँ न जैसे वो रही दिल में
रहा वो बे-वफ़ा माना न मैं ने था ये पहचाना
वफ़ा मैं ने की क्यूँ इतनी कसक बस है वही दिल में
— Shivam Mishra
भुलाया है उसे अब यूँ न जैसे वो रही दिल में
रहा वो बे-वफ़ा माना न मैं ने था ये पहचाना
वफ़ा मैं ने की क्यूँ इतनी कसक बस है वही दिल में
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