Abhay Mishra

Top 10 of Abhay Mishra

    उस को मैंने देख लिया था जाने न कितने रंगों में
    फिर जो मुझ को याद रहा हल्का सा गुलाबी कुर्ता था
    Abhay Mishra
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    ज़माना धूप से गुज़रा ज़माना शाम से गुज़रा
    हमारे इश्क़ का क़िस्सा हमारे नाम से गुज़रा

    सुनी फिर से कहानी जो हमारे दूर जाने की
    सुहाना दिन हमारा फिर पुराने जाम से गुज़रा
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    Abhay Mishra
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    पुराने ज़ख्म कर डाले हरे सब
    जला कर के नई तस्वीर उसकी
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    तुझे छूकर अभी तक होश में हूँ
    कमी कोई कहीं तो रह गयी है
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    पिलाओ जाम फिर से तुम उसी के नाम का मुझको
    जिसे दिल में उतारे एक 'अर्सा हो गया है अब
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    शायरी उसको समझ आती नहीं है
    मैं फक़त ये शेर लिखता जा रहा हूँ
    Abhay Mishra
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    आज उस को कुछ दिनों के बाद देखा
    इस क़दर देखा कभी देखा नहीं था
    Abhay Mishra
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    मैं मोहब्बत में अभी वादा करूँ तो
    बाद में तुम राब्ता मुझसे करोगी
    Abhay Mishra
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    डाल भी करती रही वादा ख़िलाफ़ी
    पेड़ का पूरा भरोसा ख़ाक करके
    Abhay Mishra
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    तुम मुझे नश्तर दिखाई देती हो
    क़त्ल कितनों का किया तुमने अब तक
    Abhay Mishra
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