दुनिया से अलग जा के कहीं सर फोड़ोया जीते ही जी मुर्दों से नाता जोड़ोक्यूँ ठोकरें खाने को पड़े हो बेकारबढ़ना है बढ़ो नहीं तो रस्ता छोड़ो— Yagana Changezi