कारगाह-ए-दुनियाकीनेस्तीभीहस्तीहै
इकतरफ़उजड़तीहैएकसम्तबसतीहै
बे-दिलोंकीहस्तीक्याजीतेहैंनमरतेहैं
ख़्वाबहैनबेदारीहोशहैनमस्तीहै
क्याबताऊँक्याहूँमैंक़ुदरत-ए-ख़ुदाहूँमैं
मेरीख़ुद-परस्तीभीऐनहक़-परस्तीहै
कीमिया-ए-दिलक्याहैख़ाकहैमगरकैसी
लीजिएतोमहँगीहैबेचिएतोसस्तीहै
ख़िज़्र-ए-मंज़िलअपनाहूँअपनीराहचलताहूँ
मेरेहालपरदुनियाक्यासमझकेहँसतीहै
क्याकहूँसफ़रअपनाख़त्मक्यूँँनहींहोता
फ़िक्रकीबुलंदीयाहौसलेकीपस्तीहै
हुस्न-ए-बे-तमाशाकीधूमक्यामुअम्माहै
कानभीहैंना-महरमआँखभीतरसतीहै
चितवनोंसेमिलताहैकुछसुराग़बातिनका
चालसेतोकाफ़िरपरसादगीबरसतीहै
तर्क-ए-लज़्ज़त-ए-दुनियाकीजिएतोकिसदिलसे
ज़ौक़-ए-पारसाईक्याफ़ैज़-ए-तंग-दस्तीहै
दीदनीहै'यास'अपनेरंजओग़मकीतुग़्यानी
झूमझूमकरक्याक्यायेघटाबरसतीहै