meraa ik kaam karke tum chali j | मेरा इक काम करके तुम चली जाना

  - 100rav

मेरा इक काम करके तुम चली जाना
मुझे बदनाम करके तुम चली जाना

ख़बर देना मैं आऊँगी सहर में फिर
कहीं और शाम करके तुम चली जाना

दिया है दर्द जो कोने में है घर के
इसे गोदाम करके तुम चली जाना

ख़रीदा गाड़ी घर ज़ेवर भी किश्तों में
उसे नीलाम करके तुम चली जाना

बना है हुजरा मेरे क़ब्र पे आना
वहीं आराम करके तुम चली जाना

  - 100rav

Charagh Shayari

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