kaun hai bach gaya jo ulfat se | कौन है बच गया जो उल्फ़त से

  - Afzal Ali Afzal

कौन है बच गया जो उल्फ़त से
अब ख़ुदा ही बचाये तोहमत से

हो गई है हवा भी ज़हरीली
ले नहीं सकते साँस राहत से

तुम मेरे सामने रहो कुछ वक़्त
आँख भर देख लूँ मोहब्बत से

मुद्दतों साथ वो रहा मेरे
कुछ बदलता नहीं है सोहबत से

तू मेरी दिलबरी भी देखेगा
आ कभी मुझ को मिलने फ़ुरसत से

तुम मुझे नफरतें सिखाओ मत
मुझ को फुरसत नहीं मोहब्बत से

बाँटतें हैं मोहब्बतें हर सम्त
अपनी बनती नहीं अदावत से

इन से निस्बत रखा करो "अफ़ज़ल"
"संत" मिलते हैं अब ग़नीमत से

  - Afzal Ali Afzal

Rahbar Shayari

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