तुम्हें इतना जो भाते हैं तुम्हारे कान के झुमके
चलो हम भी हो जाते हैं तुम्हारे कान के झुमके
बड़ी शिद्दत से हौले से तुम्हारे गाल सहला कर
मुझे अक्सर जलाते हैं तुम्हारे कान के झुमके
अगर है चाँद सी सूरत तुम्हारी तो सितारों से
चमन में जगमगाते हैं तुम्हारे कान के झुमके
— Alankrat Srivastava















