मुझ से मिलते ही ख़रीदार बदल लेती हैएक तस्वीर जो दीवार बदल लेती हैये भी दस्तूर है दुनिया का कि हर इक लड़कीदस्तख़त करते ही दरकार बदल लेती है— Asad Khan