मेरे दिल से यही अरमान निकले
तू रहना सामने जब जान निकले
किसी से दुश्मनी यूँ भी नहीं की
कहाँ कब किस से क्या पहचान निकले
तलाशी जब हुई घर की हमारे
तो इक ख़त और कुछ सामान निकले
जिन्हें मुश्किल समझकर टालते थे
वही सब मसअले आसान निकले
— Divyanshu Tiwari SAHIL















