छोड़ उदासी अब थोड़ा मुस्काया जाएबिन भावों के गीत कहाँ तक गाया जाएइस होली पर रंग मुहब्बत का बरसेछोड़ दुश्मनी दुश्मन गले लगाया जाए— DEVANSH TIWARI