वो जो रोके बहाव मिट्टी का
वो ही जाने दबाव मिट्टी का
क्या कहें हम कि हम तो मिट्टी हैं
कूज़ा-गर जाने ताव मिट्टी का
बाप बेटे को दे रहा काँधा
उस से मत पूछ भाव मिट्टी का
आज भी देख लूँ अगर उस को
याद आता कसाव मिट्टी का
उन से पूछो जो ग़ैर मुल्क में हैं
कितना मुश्किल चुनाव मिट्टी का
बा'द मेरे मैं हो गया मिट्टी
मुझ से था यूँ लगाव मिट्टी का
ख़ुद गई नीव बीच आँगन में
ये भी तो है कटाव मिट्टी का
तैरता दिख रहा है 'शुभ' पैकर
ख़ास रिश्ता है नाव मिट्टी का
— Dinesh Sen Shubh















