उससे बिछड़ते वक़्त मेरे दिल को ये लगा
जैसे मैं जान बूझ के भटका हूँ रास्ता
कहते हैं लोग भूल जा उसको वो जा चुकी
कैसे भुला दूँ बोलिए शायर हूँ ज़ात का
मालिक कमाल कर दिया वैसे ये आपने
दोनों को आज तक कोई साहिल नहीं दिया
मुझको मेरे मिजाज़ की लड़की नहीं मिली
उसको नहीं मिला कोई उसके मिजाज़ का
ऐसे भी लोग हैं यहाँ जो अपने नाम से
महफ़िल में पढ़ के आ गए मक़्ता मजाज़ का।
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