यार छोड़ो सफर जाने दो
दर्मियानों को भर जाने दो
यूँँं ही बैठे रहो रात भर
रात यूँं ही गुजर जाने दो
इक उदासी है पीछे पड़ी
इस उदासी को मर जाने दो
अपनी बाहों में भर लो मुझे
और ख़ुद को बिखर जाने दो
है इजाजत कहो कुछ भी पर
ये न बोलो कि घर जाने दो
हाथ पकड़ो अभी और तुम
जिंदगानी सवर जाने दो
दिल तुम्हारा अगर भर गया
दिल हमारा भी भर जाने दो
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