ye sach hai jo bhi usse ja mila hai | ये सच है जो भी उस सेे जा मिला है

  - Hasan Raqim

ये सच है जो भी उस सेे जा मिला है
वो उसके रंग में ही ढल गया है

कोई कुछ भी नहीं पाकर भी ख़ुश है
कोई ख़ुशियों में भी ग़म ढूँढ़ता है

जिसे चाहा है वो गर मिल गया तो
कुछ इस सेे आगे भी अब सोचना है?

मुझे तो 'इश्क़ में डिग्री है हासिल,
बताओ तुम कि तुमने क्या पढ़ा है

कोई सहराओं में दरिया से ख़ुश है
कोई इस सेे निकलना चाहता है

मेरे ग़म को भी तुम समझा करोगे
मेरी तुम सेे यही बस इल्तिजा है

  - Hasan Raqim

Udas Shayari

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