हर दुख का है इलाज, उसे देखते रहोसब कुछ भुला के आज उसे देखते रहोदेखा उसे तो दिल ने ये बे-साख़्ता कहाछोड़ो ये काम काज उसे देखते रहो— Aslam Rashid