तुम सेे मिल कर ये मैं ने जाना है

ज़िंदगी का सफ़र सुहाना है

मुझ से क्या चाहिए तुम्हें बोलो
प्यार करना है या निभाना है

ठीक से अलविदाअ कहना था
ये मुलाक़ात तो बहाना है

ज़िंदगी का यही तो मतलब है
कोई आना है कोई जाना है

जान पे बन गई थी मत पूछो
इश्क़ मुश्किल बड़ा निभाना है

— Nasir Hayaat

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