tere hijr men na kya kya meri jaañ hua nahin hai | तेरे हिज्र में न क्या क्या मेरी जाँ हुआ नहीं है

  - Aadi Ratnam

तेरे हिज्र में न क्या क्या मेरी जाँ हुआ नहीं है
तू समझ रहा कि इतना बड़ा मसअला नहीं है

मेरा क़त्ल करने वाला यही कह रहा सभी से
मुझे कुछ ख़बर नहीं है मुझे कुछ पता नहीं है

जो न मेरी दस्तरस में था वही मिला है मुझको
तो मैं कैसे मान जाऊँ कि कोई ख़ुदा नहीं है

मेरी अक़्ल ही सभी को यहाँ तोलती बराबर
मेरे दिल को इस ग़रज़ से कोई वास्ता नहीं है

  - Aadi Ratnam

Dil Shayari

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