सफ़र में कभी ऐसे मंज़र भी आएकभी फूल आए तो पथ्थर भी आएमुयस्सर नहीं होता आसानी से रिज़्क़कि बीमारी में हम तो दफ़्तर भी आए— Meem Alif Shaz