शान इज़्ज़त और शौकत आ गई
घर में उस के जब से दौलत आ गई
जब तलक हम दो थे दिक़्क़त थी नहीं
तीसरा आने से दिक़्क़त आ गई
तू भी उल्फ़त की गली में आ गया
अब समझ ले तेरी शामत आ गई
साथ हक़ के तू है मैं हैरान हूँ
तुझ में कब से इतनी हिम्मत आ गई
— Junaid Shaad
घर में उस के जब से दौलत आ गई
जब तलक हम दो थे दिक़्क़त थी नहीं
तीसरा आने से दिक़्क़त आ गई
तू भी उल्फ़त की गली में आ गया
अब समझ ले तेरी शामत आ गई
साथ हक़ के तू है मैं हैरान हूँ
तुझ में कब से इतनी हिम्मत आ गई
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