जंगल की आग बुझा सकते हो?
बिन पानी के कर क्या सकते हो?
मैं इक टूटा फैंका पुतला हूँ
अपने घर ले कर जा सकते हो?
बस तुम्हें ही तो है हक इतना
तुम मुझ को हाथ लगा सकते हो
— Aashish kargeti 'Kash'
बिन पानी के कर क्या सकते हो?
मैं इक टूटा फैंका पुतला हूँ
अपने घर ले कर जा सकते हो?
बस तुम्हें ही तो है हक इतना
तुम मुझ को हाथ लगा सकते हो
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