बात एक जैसी है प्यार को हमारा लिखहर किताब में उस को चाँद या सितारा लिखइस क़दर मुसलसल तू रोज़ याद आता हैरोज़ याद आने को रोज़ का ख़सारा लिख— Kasim Memon