अश्कों से भीगा यहाँ बिस्तर हमारा

तब समुंदर ने लिया नंबर हमारा

ज़हर होंठों पे लगा के आया था वो
था बड़ा शातिर मियाँ दिलबर हमारा

तुम अगर छोड़ो तभी हम जाएँ दफ़्तर
है ख़फ़ा हम से नया अफ़सर हमारा

मजनुओं को मारना है ले लो ये दिल
काम तो आए कहीं पत्थर हमारा

लड़कियाँ ये सोच छोड़ेंगी मोहब्बत
हो गया पैंतीस टुकड़ा गर हमारा

जानते बाहरस सब 'कुलदीप' हम को
हाल क्या जाने कोई अंदर हमारा

— Kuldeep Tripathi KD

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