हैरत अंगेज़ ये कहानी हैपूरी दुनिया ही यार फ़ानी हैएक तो ख़ासियत बहकने कीउस पे बेढब सी ये जवानी हैहावी होना है एक दूसरे परसब को पहचान जो बनानी हैरात दिन ऐब-जूई करते हैंवो जो कहते हैं ख़ानदानी हैबाप अब डर रहे हैं बच्चों सेये क़यामत की ही निशानी है— Marghoob Inaam Majidi