हैरत अंगेज़ ये कहानी है
पूरी दुनिया ही यार फ़ानी है
एक तो ख़ासियत बहकने की
उस पे बेढब सी ये जवानी है
हावी होना है एक दूसरे पर
सब को पहचान जो बनानी है
रात दिन ऐब-जूई करते हैं
वो जो कहते हैं ख़ानदानी है
बाप अब डर रहे हैं बच्चों से
ये क़यामत की ही निशानी है
— Marghoob Inaam Majidi















