मोहब्बत तुझ पे लानत है हक़ीक़त है
मोहब्बत तू बग़ावत है हक़ीक़त है
मोहब्बत करने वालों को नसीहत है
मोहब्बत बस तिजारत है हक़ीक़त है
मोहब्बत कर के जाने कितने मर बैठे
हक़ीक़त है हक़ीक़त है हक़ीक़त है
— Jaypratap chauhan
मोहब्बत तू बग़ावत है हक़ीक़त है
मोहब्बत करने वालों को नसीहत है
मोहब्बत बस तिजारत है हक़ीक़त है
मोहब्बत कर के जाने कितने मर बैठे
हक़ीक़त है हक़ीक़त है हक़ीक़त है
Other ghazal from the same pen
Shers of sach.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling