दिल बड़े प्यार से सँवारे गए
फिर बड़ी बे-दिली से मारे गए
बे-सबब जिस में हम ही मारे गए
जुर्म आख़िर वो सर हमारे गए
एक दीवार थी गुमान की जो
गिर गई तो यक़ीन मारे गए
इक अजब शोर था हवाओं में
लफ़्ज़ बस बे-सदा पुकारे गए
इश्क़ महरूम-ए-एतिबार रहा
और दावे यक़ीन हारे गए
वक़्त अपना लहू बहाता रहा
हम फ़क़त एक क़िस्सा वारे गए
क्या हक़ीक़त थी क्या फ़साना था
हम तो बस ख़्वाब से गुज़ारे गए
थी तमन्ना बहारों की हम को
हम ख़िज़ाँओं के बीच मारे गए
इस चमन में चली फिर ऐसी हवा
फूल काँटों के साथ वारे गए
तुम गए दिल से रफ़्ता रफ़्ता फिर
ख़्वाब ख़्वाहिश मलाल सारे गए
दिल की बस्ती में रात ढलती रही
और हम ख़्वाब में सँवारे गए
आख़िरश एक दिन समझ आया
हम भी क़िस्से के एक चारे गए















