जो भी बने वो जनाब दे दो
मगर मिरा भी जवाब दे दो
ये चाँद तारे सभी को छोड़ो
हमें नए दो गुलाब दे दो
उसे ग़ज़ल भी पसंद हैं ना
उसे सभी वो किताब दे दो
अभी मुहब्बत नई हुई है
अभी पुराना हिसाब दे दो
बिना छुपाए सभी पुराने
मिरे इन्हें यार ख़्वाब दे दो
— Mohammad Bilal















