आँसुओं का यहाँ ये विरह आँख सेहम यहाँ रोज़ आँसू हैं पीते रहेचंद वर्षों में इतने जनम हैं जिएरोज़ मरना पड़ा रोज़ जीते रहे— Kavi Naman bharat